Sunday, February 25, 2024
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4 TIPS FOR INSTANT RELIEF FROM MESTURAL CRAMPS

4 TIPS FOR INSTANT RELIEF FROM MESTURAL CRAMPS

4 TIPS FOR INSTANT RELIEF FROM MESTURAL CRAMPS क्या आपको पीरियड्स के दौरान पेट और पीठ के निचले हिस्से के साथ साथ पैरों में और जांघों में असहनीय दर्द महसूस होता है ?

पीरियड्स के दौरान होने वाला यह दर्द dysmenorrhea कहलाता है। आज इस Article के माध्यम से हम आपको Menstural Cramps यानि Dysmenorrhea से आराम दिलाने के लिए 4 instant tips के बारे में बताएंगे इसलिए Article के साथ जुड़े रहिये

पीरियड्स के दौरान mild pain होना या pain free पीरियड्स होना एक नार्मल process है किन्तु अगर ये pain इतना severe है कि आप अपनी daily activities भी perform नहीं कर पा रही हैं और आपको इस दर्द से राहत के लिए painkillers की मदद लेनी पड़ रही है तो ऐसी condition में आपको तुरंत अपने डॉक्टर से consult करना चाहिए। 

NCBI की एक रिपोर्ट के अनुसार reproductive age की महिलाओं में dysmenorrhea का prevalence 16% से 91% के बीच vary करता देखा गया है जिसमे 2% से 29% महिलाओं को पीरियड्स के दौरान Severe pain होता है

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वैसे तो dysmenorrhea का प्रमुख कारण Prostaglandin HARMONE का LEVEL बढ़ जाना देखा जाता है। मासिक धर्म के दौरान Prostaglandin हार्मोन के बढ़ने से uterus में contractions होते हैं और uterus की linning की sheeding होने लगती है जो menstural ब्लड के रूप में बाहर आती है और cramps होने लगते हैं। दर्द की severity हर महिला या लड़की में अलग अलग होती है जो Prostaglandin HARMONE के लेवल पर depend करती है। आयुर्वेद के अनुसार वात दोष के कुपित होने से अपान वायु अपने स्थान से विकृत हो जाती है व cramps होने लगते हैं। 

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किशोरावस्था में पीरियड्स शुरू होने पर dysmenohrrea के chances होते हैं सामान्यतः ऐसी condition में reproductive organ में कोई pathology होती है किन्तु किसी किसी condition में महिला में dysmenohrrea , reproductive organ में disease जैसे uterine fibroid , Adenomyosis , Endometriosis , PID के कारण भी हो सकता है।  

डिसमेनोरिया के common लक्षण महिलाओं में देखने को मिलते है 

• पेट और पेट के निचले हिस्‍से में ऐंठन और severe pain होना 

• पेट में दबाव महसूस होना।

• पीठ के निचले हिस्से से थाइज और पैरों तक दर्द महसूस होना 

किसी किसी महिला में loose motion, उल्टी, जी मिचलाना, सिरदर्द आदि लक्षण भी देखने को मिलते हैं। इसके अलावा दर्द आमतौर पर पीरियड से 1 दिन पहले शुरू होता है और पीरियड की शुरुआत से 2 से 3 दिनों में कम होने लगता है।

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4 TIPS FOR INSTANT RELIEF FROM MENSTURAL CRAMPS

MENSTURAL CRAMPS होना एक लड़की के लिए बहुत ही भयानक होता है इसलिए इसके इलाज के लिए लड़कियां INSTANT RELIEF पाने का नुस्खा ढूढ़ती हैं। तो आईये जाने CRAMPS से INSTANT RELEIF पाने के 4 TIPS के बारे में। 

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  • जिसमे सबसे पहला उपाय हैं हॉट वाटर बैग – पीरियड्स के दौरान पेट के निचले हिस्से की हॉट वाटर बैग से सिकाई करें। सिकाई से दर्द में आराम मिलता है साथ ही पेट की सूजन भी कम होती है। 
  • दूसरा उपाय है MASSAGE – पीरियड्स के दौरान दर्द वाले हिस्सों की हलकी मसाज से भी दर्द कम होता है इसके लिए किसी वात शामक तेल से मसाज करें क्यूंकि मसाज से अपान वायु अपने स्थान पर पहुँचती है और cramps में आराम मिलता है। और ब्लड circulation भी सही बना रहता है।
  • तीसरा उपाय है हल्दी वाला दूध – एक कप दूध में आधा चम्मच हल्दी डालकर हल्का गर्म करें. इसके बाद थोड़ा गुड लेकर उसमें आधा चम्मच सोंठ और अजवाइन मिक्स करें और गुनगुने हल्दी वाले दूध के साथ पिएं। इससे सूजन कम होगी और दर्द में राहत मिलेगी। 
  • चौथा उपाय है Mild Exercise – Generally पीरियड्स के दौरान लड़कियां एक्सरसाइज करना छोड़ देती है लेकिन पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज करने से body में positive harmone release होते हैं जिनकी मदद से दर्द कम महसूस होता है। इसलिए पीरियड्स के दौरान mild एक्सरसाइज और योग करना चाहिए।

इन टिप्स के अलावा हमारी DIET भी CRAMPS में बहुत IMPORTANT ROLE PLAY करती है । इसके लिए विटामिंस, कैल्शियम और मिनरल्स से भरपूर आहार लें। पीरियड्स के दौरान आपको स्प्राउट्स, बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और ड्राई फ्रूट्स खाना चाहिए। इससे मांसपेशियों में आराम मिलता है। ठंडी चीजें जैसे छाछ, दही, आदि से परहेज करना चाहिए क्योंकि इससे आपकी सूजन बढ़ती है और दर्द बढ़ता है। कुछ लोग इस समय चाय और कॉफी लेते हैं, लेकिन इससे आपकी परेशानी बढ़ सकती है क्योंकि चाय और कॉफी में कैफीन होता है जो अपान वायु को बढ़ाता है। 

जैसा की हमने आपको Article की शुरुआत में बताया था कि CRAMPS होना एक नार्मल बात है लेकिन अगर आप SEVERE PAIN फील कर रही हैं तो हमारे द्वारा बताये गए उपायों को systematically FOLLOW करके CRAMPS से राहत पा सकती हैं।

स्वास्थ्य से जुडी नयी नयी जानकारी के लिए KAPEEFIT के साथ जुड़े रहिये।

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