Thursday, February 29, 2024
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Discover Natural Healing: Get Your Arthritis Treatment at Home in Ayurveda Today

Arthritis Treatment at Home in Ayurveda

गठिया रोग का इलाज

  • क्या आपके जोड़ों में सूजन रहती है ?
  • क्या आपके जोड़ों में दर्द रहता है ?
  • क्या जब आप हिलते डुलते है तो जोड़ों से आवाजें आती है ?
  • क्या आपको चलने फिरने में कठिनाई होती है ?
  • अगर हाँ तो आप ARTHRITIS यानी गठिया से पीड़ित हो सकते है। आज हम इस आर्टिकल में गठिया के कारण , लक्षण और इस असहनीय दर्द भरी समस्या से निजात पाने के नुस्खे के बारे में जानेंगे। गठिया से निजात पाने के लिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।Arthritis Treatment at Home in Ayurveda
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Source: timesofindia.indiatimes.com

गठिया रोग का इलाज सर्दियों का मौसम में जोड़ों के दर्द की समस्या से पीड़ित रोगियों की परेशानी बढ़ जाती है। उम्र बढ़ने के साथ साथ शरीर के TISSUES कमजोर पड़ने लगते हैं और शरीर के अलग अलग JOINTS घिसने लगते हैं। ऐसी स्थिति में जोड़ों में दर्द रहने लगता है . खाना खाने का मन नहीं करता , प्यास अधिक लगती है , घुटनों में सूजन आ जाती है। रोग बढ़ जाने पर चलते-समय भयंकर दर्द होता है। जोड़ों के दर्द का प्रमुख लक्षण जिस रोग में मिलता है वो है गठिया यानी ARTHRITIS . आयुर्वेद के अनुसार ARTHRITIS एक वात प्रधान दोष होता है जो हड्डियों के joints में वायु के समा जाने और उस स्थान के लुब्रिकेटिंग PART के सूख जाने से पैदा होता है। MUSCELES में STIFFNESS आ जाने के कारण शरीर की क्रियाओं में रुकावट पैदा होती है।गठिया रोग का इलाज

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ARTHRITIS की समस्या दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है। एक RESEARCH के अनुसार भारत में लगभग 15 करोड़ लोग गठिया से परेशान हैं।

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गठिया की समस्या हर व्यक्ति को एक जैसी नहीं होती है।

  • बढ़ती उम्र के कारण जो गठिया होता है उसे आस्टियो आर्थराइटिस कहते हैं। 
  • जोड़ों में सूजन के कारण उत्पन्न गठिया को रियूमेटायड आर्थराइटिस कहते हैं। 
  • जोड़ों में यूरिक अम्ल के जमा जाने के कारण उत्पन्न गठिया को गाउटी आर्थराइटिस कहते हैं।

अब एक नज़र गठिया होने के कारण पर डालते हैं . जैसा की अभी हमने बताया कि

  • गठिया का मुख्य कारण वायु होती है और वायु को बिगाड़ने वाले कारण जोड़ों में दर्द उत्पन्न करते हैं, जैसे- रूखे और ठंडे पदार्थों का अधिक सेवन, चने कुरमुरे जैसे पदार्थ , अधिक जागना, अधिक श्रम, चोट आदि। 
  • अनियमित दिनचर्या या बहुत आरामदायक दिनचर्या , अनुवांशिक कारण से या मोटापे के कारण भी गठिया की समस्या उत्पन्न होती है। 
  • इसके साथ साथ शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ना , अनियमित आहार विहार , DRINKING और SMOKING भी एक प्रमुख कारण होता है।

गठिया की शुरुआत में बुखार , शरीर में दर्द ,भूख कम लगना , किसी कार्य में मन न लगना जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं, फिर कभी कभार जोड़ों में हल्का दर्द या STIFFNESS पैदा होती है , बॉडी को MOVE कराने में दर्द होता है , और जब ये रोग पूरी तरह फ़ैल जाता है तो जोड़ों में सूजन आ जाती है। हाथ पैर फ़ैलाने या मोड़ने में दर्द होता है और कॅट कट की आवाज आती है।

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गठिया की समस्या से निजात पाने के लिए चार घरेलू नुस्खे BHAUT मददगार साबित होते हैं।

  • अर्थराइटिस की समस्या में चूना बहुत फायदेमंद होता है। इसके मरीज को 1 दिन में 2 ग्राम चूना खाना चाहिए और स्वस्थ आदमी को इससे बचने के लिए 1 ग्राम चूना खाना चाहिए। चूने को दही के साथ , छाछ के साथ या पानी में मिलाकर लेना चाहिए। 
  • मेथी दाना का पानी गठिया में बहुत फायदेमंद होता है। एक चम्मच मेथी दाना रात को गरम पानी में भिगो दें और सुबह उठते ही पानी पी लें और मेथी दाना चबा-चबा कर खा लें। इससे गठिया में आराम मिलेगा।
  • गठिया के कारण होने वाले दर्द के लिए सरसों के तेल में अजवायन और लहसुन जलाकर उस तेल की मालिश करने से दर्द छुटकारा मिलता है।
  • लहसुन की दो कलियां कुचलकर तिल के तेल में डालकर तेल गर्म करें और उससे जोड़ों पर मालिश करें. इससे दर्द में बहुत आराम मिलता है।

गठिया की समस्या में आयुर्वेदिक औषधियां सबसे कारगर साबित होती हैं।

गठिया की समस्या से बचने के लिए पीडानिल गोल्ड की 2 – 2 गोलियां खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लें। योगराज गुग्गुल , चन्द्रप्रभा वटी और पीड़ान्तक वटी की 2 – 2 गोलियां सुबह शाम गुनगुने पानी के साथ खाने के बाद लेनी हैं और वतारी चूर्ण को आधा चम्मच सुबह शाम गुनगुने पानी से लेना है। साथ ही दर्द वाले स्थान पर महानारायण तेल की मालिश करनी है। सभी औषधियों के प्रयोग से गठिया की समस्या में आराम मिलेगा।

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गठिया के इलाज में औषधियों लेने के साथ साथ कुछ सावधानियां बरतना बहुत जरूरी हैं ।

  • गेहूँ, बाजरे की रोटी, मेथी, करैला , सेब का सेवन करना चाहिए। 
  • खट्टा, तीखा, ठंडा, रूखा आहार नहीं लेना चाहिए. 
  • चर्बी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए. 
  • पौष्टिक और पचने में आसान चीजों को आहार में स्थान देना चाहिए. 
  • साथ ही मानसिक तनावों से भी दूर रहना चाहिए.
  • चावल, आलू , उड़द की दाल , सन्तरा, नींबू, अमरूद, टमाटर, दही तथा समस्त वायुकारक पदार्थ, दिन में सोना , अधिक परिश्रम से बचना चाहिए।

हमें उम्मीद है इस आर्टिकल की मदद से आपको गठिया से निजात पाने में मदद मिलेगी। इस आर्टिकल को LIKE करें और अपने VIEWS हमारे साथ COMMENT बॉक्स में SHARE करे। ऐसी ही नयी नयी जानकारी  के लिए KAPEEFIT के चैनल के साथ जुड़े रहें |

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