Wednesday, February 21, 2024
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Everything About Pregnancy Ayurvedic Approach

Everything About Pregnancy Ayurvedic Approach

Everything About Pregnancy Ayurvedic Approach क्या आप pregnant हैं या फिर pregnancy plan कर रही है? अगर हां तो आपके मन में pregnancy से रिलेटेड कुछ सवाल तो उठते ही होंगे जैसे pregnancy में क्या खाएं क्या नहीं? Pregnancy Ayurvedic Approach

प्रेगनेंसी में अपना ख्याल कैसे रखें? कैसे फिट और healthy रहें? कौन सी चीज़ों को अवॉयड करें?

आज इस Article में हम आपके इन्ही सवालों का जवाब आयुर्वेद के माध्यम से देने का प्रयास करेंगे इसलिए Article के साथ अंत तक बने रहिये।

कहते है माँ बनाना किसी भी महिला को एक complete woman बनाता है और यह बात सही भी है। प्रेगनेंसी के इस 9 महीने लम्बे सफर में एक लेडी बहुत सी problems को face करती है।Everything About Pregnancy Ayurvedic Approach

UNICEF की एक रिपोर्ट के हिसाब से जन्म के समय low birthweight हर साल लगभग 20 मिलियन से अधिक newborns को प्रभावित करता है। और इन आकड़ों को देखते हुए हमे प्रेगनेंसी के दौरान ली जाने वाली diet का विशेष ध्यान रखना बेहद जरुरी है।Everything About Pregnancy Ayurvedic Approach

प्रेगनेंसी टेस्ट के positive होने का पता चलते ही, pregnant woman के मन में हज़ारों सवाल आने लगते है जिनमे से आपके कुछ सवालों का जवाब आज हम देने की कोशिश करेंगे। 


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प्रेगनेंसी में बहुत बार आपने doctor को trimester word का use करते सुना होगा। 

तो प्रेगनेंसी के 9 months के duration को verbally 3-3 months में divide किया गया है जिसे medical language में Trimester कहते है। First Trimester यानी First Three Months of Pregnancy. Second Means 4 to 6 Months and Third Trimester means Last Three Months of Pregnancy.

क्या आयुर्वेद में भी Trimester Wise Diet होती है ?

बहुत सी Pregnant Ladies का यह सवाल रहता है की क्या आयुर्वेद में Trimester Wise Diet का Concept Exist करता है ? 

तो आयुर्वेद में प्रेगनेंसी को लेकर उचित आहार विहार विचार और औषधियों का वर्णन किया गया है। Infact आपके बच्चे की physical growth के साथ साथ, बच्चे को psychologically और emotionally strong करने का वर्णन भी आयुर्वेदिक ग्रंथों में किया गया है। 

QUOTES (FROM BOOK)

आयुर्वेदिक ग्रंथ चरक संहिता शारीरस्थान अध्याय 8, सुश्रुर्त संहिता शारीरस्थान अध्याय 10, अष्टांगसंग्रह शारीरस्थान 3 में शिशु के पोषण व स्वास्थय के लिए हर महीने कैसी diet लेनी है , किन food items का intake करना है, किन items को avoid करना है। इन सभी का detailed expalanation दिया गया है। 

Balanced Diet or Diet Chart According to Ayurveda

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प्रेगनेंसी में balanced diet लेना fetus की growth के लिए बहुत important होता है। क्यूंकि जो भी भोजन आप करते है वो आपके साथ साथ आपके baby के लिए भी होता है। Everything About Pregnancy Ayurvedic Approach

भोजन हृदयं, स्निग्धं, मधुर प्राय द्रव व लघु होना चाहिए। Pregnancy में Balanced Diet से होने वाली constipation और Morning Sickness जैसी Problems को दूर करने में हेल्प मिलती है। Balanced Diet से mother और baby दोनो का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। और Pregnant lady के शरीर में essential nutrients की कमी पूरी हो जाती है जिससे fetus की growth अच्छे से हो पाती है। balanced diet में दूध तथा दूध से बने products, मधुर पदार्थ , मास रस, षस्ति एवं शालि धान्य , मूंग , गेहूं , मक्खन , घी , दूध , केला , आँवला , मुनक्का , अमृत द्रव्य व शीतल द्रव्य आप ले सकते है। 

साथ ही pregnant lady के मन में ये सवाल भी आता है जो भी इच्छा हो वो सब खाना चाहिए या नहीं। क्या आहार सात्विक होना चाहिए। 

तो pregnancy के first trimester में mother को कुछ विशेष चीसों को खाने की इच्छा करने लगती है। आयुर्वेद में इसे दौडडया कहा गया है व गर्भस्थ शिशु अपनी इच्छाओ को माता द्वारा प्रकट करता है। इसलिए जो भी खाने की इच्छा हो pregnant lady को देना चाहिए। सुश्रुत संहिता शारीरस्थान अध्याय 3 व अष्टांगहृदयम शारीरस्थान 1 में भी स्पष्ट उल्लेख है की माता की इन इच्छाओं का अपमान नहीं करना चाहिए क्यूंकि इससे गर्भ विकृति या गर्भ विनाश हो जाता है। अतः गर्भिणी को प्रिय व हितकर पदार्थ , जीवनीय गण की औषधियों का external व internal प्रयोग करना चाहिए। साथ ही यह भी ध्यान देने योग्य है कि ग्रंथों में बताया गया है कि गर्भ विनाशकर भावों को छोड़कर ही अन्य इच्छाएं पूर्ण करनी चाहिए। जैसे अगर pregnant lady को खट्टा या मिर्च खाने का मन हो तो थोड़ी मात्रा में दिया जा सकता है लेकिन दिन में हर समय खट्टा और मिर्च ही खानी है और कुछ नहीं खाना है तो यह गलत है। Pregnancy Ayurvedic Approach 

Ayurvedic Supplements During Pregnancy 

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बहुत सी pregnant woman का यह भी सवाल होता ही कि क्या आयुर्वेद में भी ऐसे supplements दिए जाते है जो बेबी की ग्रोथ में मदद करें। 

तो आयुर्वेदिक ग्रंथों में मासानुमासिक परिचर्या यानि monthly regime का scientific एवं सूक्ष्म वर्णन है। इन ग्रंथों में iron, calcium, folic acid तो नहीं बताये गए है लेकिन इनके स्थान पर कुछ ऐसे food items को हर महीने में देने को बताया गया है जो गर्भस्थ शिशु की हर माह की nutritional requirement को पूरा करते है तथा vitamin और micronutrients की कमी की भी पूर्ति करते हैं।Pregnancy Ayurvedic Approach

उम्मीद है आयुर्वेद के अनुसार healthy प्रेगनेंसी opt करने के टिप्स आपको मिल गए होंगे।

स्वास्थ्य से जुडी नयी नयी जानकारी के लिए KAPEEFIT के साथ जुड़े रहिये।

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