Wednesday, February 21, 2024
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Everything You should Know About Osteoporosis

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Menopause Can Raise Risk of Osteoporosis

क्या आपको लगातार कमर या पीठ दर्द बना रहता है?

क्या ज्यादा देर तक खड़े रहने से आपके घुटनो में दर्द होने लगता है?
क्या हलकी चोट से या गिरने से आपको फ्रैक्चर हो चूका है?

Everything You should Know About Osteoporosis अगर इन सवालों का जवाब हाँ है और आपकी उम्र 40 साल से अधिक है तो आपको ऑस्टियोपोरोसिस यानी BONE LOSS का खतरा हो सकता है। आज इस Article में हम आपको मीनोपॉज़ के बाद BONE LOSS को AVOID करने के TIPS के बारे में बताएंगे।Osteoporosis

यदि आप एक पोस्टमेनोपॉज़ल महिला हैं, तो संभावना है कि आपने ऑस्टियोपोरोसिस के बारे में सुना होगा। मेनोपॉज के बाद महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा बहुत ज्यादा होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रजोनिवृत्ति के समय के आसपास एस्ट्रोजन का स्तर गिर जाता है, जो औसतन 45-50 वर्ष की आयु में होता है, जिसके परिणामस्वरूप हड्डियों कमजोर होने लगती है।


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यदि मेनोपॉज से पहले आपकी peak bone mass, ideal से कम है, तो मेनोपॉज के आसपास होने वाले किसी भी हड्डी के नुकसान के परिणामस्वरूप ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है। ऑस्टियोपोरोसिस कई कारकों के कारण हो सकता है, जिसमें menopause के दौरान हार्मोनल परिवर्तन, आनुवंशिकी और धूम्रपान जैसे जीवनशैली विकल्प शामिल हैं।

Researches यह बताती है कि 60 वर्ष से अधिक उम्र की दो में से एक महिला को ऑस्टियोपोरोसिस के कारण फ्रैक्चर का अनुभव हो सकता है।

जैसा कि आपने घर के बड़ों को कहते सुना होगा, आज का खाया पीया ही बाद में काम आता है। यही बात menopause के बाद ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करने में भी लागू होती है। ऑस्टियोपोरोसिस के case में बेहतर diet और regular एक्सरसाइज इसके खतरे को कम करने में मदद करता है। 

तो आईये जानते है ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करने वाली डाइट और Exercise के बारे में।

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ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करने के लिए अपने भोजन में dairy products, oats, संतरा, केला, अमरुद, अंजीर, अंगूर, पालक, गोभी, ब्रोकोली, चिया सीड्स, बादाम, टोफू, अंजीर, सोया, हरी बीन्स, तिल और कद्दू के बीज शामिल करें। इसके साथ ही नियमित रूप से दूध पिएं और डॉक्टर के सुझाव के अनुसार विटामिन डी का पर्याप्त स्तर अपने शरीर में बनाए रखें। इसके लिए daily 10-15 मिनट सुबह 10 बजे से पहले की धुप में रहना अच्छा विकल्प है।

आयुर्वेद मत से भी हल्दी, अजवाइन, लहसुन, शतावरी, अश्वगंधा, मुक्ता शुक्ति, प्रवाल पिष्टी, गोदंती और nutrela bone health supplements bones के लिए best है।   

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इसके साथ ही menopause के बाद की महिलाओं को अपनी मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए नियमित रूप से weight bearing exercise जैसे चलना, jogging, सीढ़ी चढ़ना, dance करना, टहलना या टेनिस खेलना चाहिए। 

शारीरिक गतिविधि मांसपेशियों की ताकत, संतुलन और फिटनेस में सुधार लाती है और bone thinning और गिरने से फ्रैक्चर को भी कम करने में मदद करती है। 

हालांकि इस बात का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है कि, high-impact activities को ना करें और अपनी फिटनेस दिनचर्या में flexibility exercises या स्ट्रेचिंग को शामिल करें। 

ऑस्टियोपोरोसिस को एक silent disease कहा जाता है क्योंकि इसका निदान अक्सर किसी व्यक्ति के फ्रैक्चर होने के बाद किया जाता है। जैसे ही आप menopause के करीब हैं, तो आपको अपने doctor के साथ ऑस्टियोपोरोसिस के risk factors पर चर्चा करनी चाहिए, खासकर यदि ऑस्टियोपोरोसिस आपके परिवार में किसी को रहा है।

यदि आप रजोनिवृत्ति के बाद फ्रैक्चर का अनुभव करते हैं, तो तुरंत अपना online consultation book करें और यह जानने का प्रयास करें कि क्या यह ऑस्टियोपोरोटिक फ्रैक्चर हो सकता है और भविष्य में फ्रैक्चर को रोकने के लिए कौन सा उपचार मदद कर सकता है।

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