Wednesday, February 21, 2024
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How to Cure FEVER in Hindi

How to Cure FEVER in Hindi

खूबकला बुखार का रामबाण इलाज

  • क्या आपको बार बार बुखार आता है ?
  • क्या मेडिसिन लेने के बाद भी आपका बुखार नहीं उतरता है ?
  • तो ये बुखार आपके शरीर की हड्डियों और मांसपेशियों में अपनी जगह बना चूका है। इसे हमेशा के लिए बाहर निकालकर फेंकना बहुत जरुरी है। इस आर्टिकल में आज हम बुखार को जड़ से ख़तम करने वाली आयुर्वेदिक औषधि के बारे में बताएंगे पूरी जानकारी के लिए आर्टिकल के अंत तक बने रहे।How to Cure FEVER in Hindi

बुखार आखिर है क्या

How to Cure FEVER in Hindi बुखार एक MEDICAL CONDITION होता है , जो शरीर के सामान्य तापमान 98 से 100 ° F की सीमा से ऊपर होने पर घातक साबित हो सकता है। बुखार होने से न सिर्फ शरीर में कमजोरी आ जाती है बल्कि लम्बे समय तक बुखार होने से वजन गिरना, सिरदर्द, मन न लगना और कई दूसरी बीमारियां भी आपको घेर लेती हैं। वैसे तो बुखार होने के bhaut reason होते है लेकिन बदलते हुए मौसम के दौरान बुखार का बार बार आना शरीर में अपनी गहरी जगह बना सकता है। बुखार मौसम बदलने के दौरान होने वाली सबसे प्रमुख बीमारी है, जब भी मौसम बदलता है तब शरीर के तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण हमारे शरीर का immune system कमजोर पड़ जाता है और शरीर जल्दी विभिन्न तरह के वायरसों के संक्रमण में आ जाता है।

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बुखार में होने वाले लक्षण

बुखार होने पर कुछ सामान्य लक्षण देखने को मिलते हैं जैसे सिर दर्द , जोड़ों में दर्द , आंखों का लाल होना , माथा बहुत तेज गर्म होना , उल्टी और दस्त होना , बॉडी का टेम्प्रेचर बढ़ना , ठंड और कंपकपी लगना , सर्दी-जुकाम, नाक बहना , सिरदर्द, बदन दर्द , उल्टी या डायरिया होना।

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वैसे तो बुखार की बहुत सारी medicines market में उपलब्ध हैं लेकिन आज हम आपको शरीर की हड्डियों और मांसपेशियों में बसे पुराने बुखार को समाप्त करने के लिए एक रामबाण आयुर्वेदिक औषधि के बारे में बताएंगे।

ये औषधि है खूबकला जिसे खाकसी या hedge mustard या London rocket के नाम से भी जाना जाता है।खूबकला एक पौधा होता है जिसका इस्तेमाल आयुर्वेदिक औषधि के तौर पर किया जाता है। इसकी पत्तियां, जड़ और फूलों का इस्तेमाल दवाइयों की तरह किया जाता है। इसके बीज देखने में सरसों के बीज जैसे होते हैं। परन्तु आकार में सरसों के बीज से काफी बारीक होते हैं। पुराने बुखार में खूबकला लेने के दो तरीके होते है आप इन दोनों में से कोई भी एक तरीके से इसे ले सकते हैं।

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पहला तरीका

सबसे पहले 7 से 10 मुनक्कों के बीज निकालकर इन्हे तवे पर देसी घी में अच्छी तरह गरम करें। फिर इन मुनक्कों में खूबकला भरकर रोगी को एक एक करके चबा चबा कर खिलायें।

दूसरा तरीका

इस तरीके की एक खुराक बनाने के लिए आधा चम्मच खूबकला को बारीक़ पीस ले फिर 5 मुनक्के और आधा चम्मच खूबकला को अलग अलग 5 से 6 घंटे तक भीगने के लिए रख देंगे।  6 घंटे के बाद एक गिलास दूध में भीगी हुई खूबकला और मुनक्का डाल दें और 10 मिनट तक medium flame पर पकायें। उसके बाद इसमें आधा चम्मच चीनी डालकर रोगी को पिलायें साथ ही मुनक्के भी चबा चबा कर खाने की सलाह दें।

खूबकला लेते समय कुछ सावधानियाँ बरतना भी जरुरी है क्यूंकि इसकी तासीर बहुत गरम होती है इसलिए इसे प्रेग्नेंट और ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाएं को नहीं लेना चाहिए क्यूंकि इससे बच्चे पर बुरा असर पड़ सकता है और 5 साल से छोटे बच्चों को भी नहीं देना चाहिए।

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