Wednesday, February 21, 2024
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PCOD Problem Treatment in Hindi

PCOD Problem Treatment in Hindi | PCOD एक MEDICAL CONDITION होती है जो महिलाओं में REPRODUCTIVE AGE में HARMONAL IMBALANCE के कारण पैदा होती है। इस CONDITION में एक महिला की ओवरी में एक से ज्यादा अर्थात multiple CYST बनने लगते हैं और ओवरी size में बढ़ जाती है।

PCOD Problem Treatment in Hindi

आज के समय में ये बीमारी भारत के साथ साथ सम्पूर्ण विश्व में बहुत तेज़ी से अपनी जगह बना रही है। और रिपोर्ट्स की माने तो PCOS का Global prevalence 6% से 26% होने का अनुमान है।

PCOD Problem Treatment in Hindi | आज कल PCOD ,महिलाओं और GIRLS में बहुत ज्यादा देखने को मिल रही है। और यह PROBLEM अपने साथ साथ बहुत सी दूसरी बिमारियों के होने का कारण भी बन सकती है। पहले ये प्रॉब्लम 30 से 35 साल की महिलाओं में पायी जाती थी लेकिन आज के SCENARIO में ये PROBLEM TEENAGE GIRLS में ज्यादा देखने को मिल रही है।

सामन्यतः एक लड़की का मासिक धर्म 12 से 13 वर्ष की उम्र में शुरू हो जाता है , मासिक धर्म के प्रथम चरण में egg mature होता है और लगभग 13वें  या 14वें दिन release होता है जिसे ovulation कहते हैं लेकिन pcod की condition में hormonal imbalance के कारण यह normal process disturb हो जाता है। जिस कारण से egg रिलीज़ नहीं होता है अर्थात ovulation नहीं होता है।

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CAUSES OF PCOD

PCOD Problem Treatment in Hindi | PCOD का कोई निश्चित कारण तो नहीं होता है लेकिन इसके कुछ मुख्य कारण मिलकर इसे एक गंभीर बीमारी बनाते है। जैसे 

  • sedentary life STYLE  
  • IMPROPER DIET 
  • male हार्मोन का लेवल बढ़ना 
  • PHYSICAL ACTIVITES का न होना
  • DUE TO GENETICS 
  • मानसिक तनाव का होना 
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ये सभी कारण PCOD के जन्मदाता माने जाते है।

SYMPTOMS OF PCOD

PCOD Problem Treatment in Hindi | Reasearches  के अनुसार हर 5 में से 1 महिला pcod से ग्रसित है। और इसके बहुत से लक्षण देखने को मिलते हैं जिनको समय रहते समझ लिया जाये तो इस बीमारी से बचा जा सकता है। जैसे 

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  • WEIGHT GAIN – इन्सुलिन resistance के प्रभाव से ग्लूकोस metabolism disturb हो जाता है। जिससे diabeties का खतरा बढ़ जाता है। 
  • FACIAL हेयर की एक्स्ट्रा GROWTH होना – महिला के शरीर में male हार्मोन बढ़ने के फेस पर unwanted हेयर की ग्रोथ बढ़ जाती है। 
  • Mood swings – चिड़चिड़ापन , गुस्सा , depression जैसे इमोशंस का  होना 
  • PROBLEM IN CONCEIVING 
  • इनफर्टिलिटी – ovaluation न होने के कारण माँ न बन पाना 
  • HAIR FALL – हार्मोनल इम्बैलेंस के कारण हेयर फॉल होना 
  • हाई ब्लड प्रेशर रहना 
  • IRREGULAR PERIODS – periods का 4 से 5 महीने के अंतर पर आना या फिर medicine की हेल्प से periods होना 
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अगर आप भी इन सभी या इनमे से किसी symtomps  को FACE कर रहे हैं तो आपको तुरंत अपनी डॉक्टर से COUNSULT करना चाहिए।

PREVENTIONAL TIPS OF PCOD

PCOD Problem Treatment in Hindi | PCOD को LIFE STYLE DISORDER माना जाता है। SEDENTARY LIFE STYLE और WRONG FOOD HABITS के कारण PCOD , TEENAGER GIRLS की LIFE में अपनी गहरी पकड़ बना रहा है। और हमे इसे CURE करने के लिए अपने DAILY रूटीन में कुछ बेसिक STEPS को शामिल करना होगा। 

STEP 1 REGULAR EXERCISE करें

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PCOD Problem Treatment in Hindi | किसी भी physical एक्टिविटी को अपने डेली रूटीन में शामिल करें जैसे exercise , yoga , wallking , साइकिलिंग, jogging आप कर सकती हैं। इसके अलावा स्ट्रैस-फ्री होने के लिए आप प्राणायाम व मेडिटेशन भी कर सकती हैं। वज़न कम करने के साथ ही ये शरीर को सेहतमंद व तनाव मुक्त रखेंगे।

Step 2 सही लाइफ स्टाइल को follow करें

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PCOD Problem Treatment in Hindi | सिगरेट, शराब, बहुत अधिक कोल्ड ड्रिंक्स, जंक फूड , preservative food items  शरीर को नुकसान पहुंचते हैं। इसलिए इन सभी चीज़ो का use avoid करें। समय से सोना और जागना अच्छी सेहत की शुरुआत है , healthy sleep पैटर्न को follow करें। 

Step 3 healthy diet का सेवन करें। 

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PCOD Problem Treatment in Hindi | Healthy food items जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां , fresh fruits protein rich , fiber rich , dry fruits को अपनी daily diet में शामिल करें। fat और carbohydrates युक्त फ़ूड items को avoid करें। अधिक मसालेदार एवं तैलिये भोजन लेने से बचें। भोजन में ओमेगा 3 फेटी एसिड्स से भरपूर चीज़ें शामिल करें, जैसे- अलसी, अखरोट आदि। इसके साथ ही अपनी डाइट में विटामिन B ज़रूर शामिल करें। भरपूर मात्रा में पानी पीने को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

यदि समय रहते उपचार नहीं किया जाये तो भविष्य में अनेक complications जैसे diabeties , cardiovascular discease , hypertension , utrine cancer आदि हो सकते हैं।

PCOD Problem Treatment in Hindi

AYURVEDIC APPROACH TO CURE PCOD

PCOD Problem Treatment in Hindi | आयुर्वेद में pcod की समस्या को अति शीध्र और जड़ से खत्म करने की शक्ति है और आयुर्वेदिक चिकित्सा में इसके reoccurance के chances भी नहीं होते हैं लेकिन  आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले रोगी की पूरी जानकारी होना बहुत जरुरी है जैसे रोगी की उम्र कितनी है , दिनचर्या कैसी है , कहीं वो किसी मानसिक तनाव से तो नहीं गुजर रही है क्यूंकि आयुर्वेदिक चिकित्सा के दौरान आहार , विहार और विचार तीनो को ध्यान में रखा जाता है। 

साथ ही साथ शरीर में होने वाले तीनो दोषों वात पित्त और कफ में से कौन से दोष प्रकोपित हैं इसका पता रोगी में मिलने वाले लक्षणों के आधार पर करते हैं। लक्षणों के आधार पर प्रकोपित दोषों को ध्यान में रखते हुए महिला रोगी को चिकित्सा दी जाती है। 

pcod के treatment में menstural cycle को रेगुलर करने के लिए जो आयुर्वेदिक औषधियां दी जाती हैं उनकी मदद से अगर कोई महिला pregnant होना चाहती हैं तो easily concieve भी कर सकती है। और इसका कोई दुष्परिणाम भी नहीं होता है।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको PCOD से सम्बंधित जानकारी मिल गयी होगी।

ऐसी ही नयी नयी जानकारी के लिए KAPEEFIT Blog के साथ जुड़े रहे |

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