Monday, February 26, 2024
spot_img
HomeFemale DiseasesPcos Causes, Symptoms and Natural Treatment

Pcos Causes, Symptoms and Natural Treatment

Pcos Causes, Symptoms and Natural Treatment

Pcos Causes, Symptoms and Natural Treatment आजकल महिलायें हर field में पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। घर हो या ऑफिस दोनों में balance बनाते बनाते कहीं न कहीं वो खुद का ख्याल रखना भूल जाती है जिस कारण उनके शरीर में बहुत सी बीमारियां अपनी जगह बनाने लगती है PCOS उन्ही बिमारियों में से एक है। 

WOMENSHEALTH.GOV की एक रिपोर्ट की माने तो भारत में 10 में से 1 महिला PCOS से ग्रसित है। और दुनियाभर में लगभग 10 % महिलाएं PCOS से SUFFER कर रही हैं। 

PCOS से जुड़े बहुत से सवालों पर चर्चा करेंगे इसलिए आप Article के साथ बने रहिये।

PCOS से जुड़ा सबसे पहला सवाल ये पूछा जाता है कि आखिर PCOS होता क्या है और किस उम्र की महिलाओं को PCOS होने के CHANCES ज्यादा रहते है?

PCOS यानी POLYCYSTIC OVARIAN SYNDROME यह एक तरह की MEDICAL CONDITION होती है जो TEENAGE महिलाओं की OVARIES को प्रभावित करती है। इसे एक तरह का हार्मोनल DISORDER भी कहा जाता है जो ज्यादातर REPRODUCTIVE AGE की महिलाओं में देखने को मिलता है। इसमें शरीर में जो HORMONES का PRODUCTION होता है वो UNBALANCED हो जाता है। UNBALANCED मतलब PATIENT के शरीर में MALE हार्मोन , जिसे एण्ड्रोजन कहा जाता है , इसका प्रोडक्शन बड़ी संख्या में होने लगता है। इसके अलावा जो महिलाएं PCOS से ग्रसित होती है उनकी OVARY में बहुत से छोटे छोटे सीस्ट पाए जाते है, इसलिए इसे POLYCYSTIC OVARIAN DISORDER कहा जाता है। जिसकी वजह से MENSTRUAL CYCLE DISTURB हो सकती है और  CONCEIVING में PROBLEM आ सकती है।

PCOS को SELF DIAGNOSE करने के लिए महिलाएं इसके SYMPTOMS के बारे में जानना चाहती है?

देखिये किसी किसी महिला में तो PCOD का कोई भी SYMPTOM देखने को नहीं मिलता , जब कभी जरूरत पड़ने पर वो ULTRA SOUND कराती है तब हमे पता चलता है की उन्हें PCOD है। और वहीँ दूसरी ओर किसी किसी महिला में PCOD के SYMPTOMS GENERALLY FIRST MENSTRUATION के आस पास DEVELOPE होते है और बाद में भी DEVELOP हो सकते है। 

बहुत सी महिलाऐं इस बात को लेकर CONFUSE रहती है की PCOD और PCOS में DIFFERENCE क्या है।

Online Ayurvedic Consultation
Pcos Causes, Symptoms and Natural Treatment

PCOD और PCOS दोनों ही OVARY से RELATED होते है लेकिन दोनों में कुछ खास DIFFERENCE देखने को मिलता है।  

देखिये पहला DIFFERENCE तो ये है कि PCOD एक COMMON DISORDER होता है जो teenage girls में commonly देखने को मिलत है जबकि PCOS एक मेडिकल CONDITION होती है। जो generally reproductive age की महिला में देखने को मिलता है। 

PCOD में केवल ovary में multiple cyst बन जाते है व कभी कभी कोई symptoms देखने को नहीं मिलते है। किन्तु PCOS में बहुत सरे symptoms जैसे weight gain, irregular periods, infertility, acne आदि देखने को मिलते है।    

9 Ways to Prepare Your Body for Winter

PCOD में IMMATURE या PARTIALLY MATURE EGGS PRODUCE होते है। जबकि PCOS मे ANOVULATION के कारण OVARIES EGGS RELEASE करना बंद कर देती है। 

सबसे IMPORTANT DIFFERENCE ये होता है कि PCOD सामान्यतः FERTILITY को AFFECT नहीं करती है इस कंडीशन में थोड़ी बहुत HELP से महिला OVALUATE कर सकती है और PREGNANT भी हो सकती है। जबकि PCOS महिला की FERTILITY को बहुत अधिक प्रभावित करता है। इसमें ovulation न होने के कारन प्रेगनेंसी में काफी दिक्कत आती है। 

लोग अक्सर यह सवाल भी पूछते है की क्या PCOS को NATURALLY ख़तम किया जाता है या फिर किसी भी महिला का PCOS REVERSE हुआ है?

देखिये किसी भी बीमारी को CURE करने की कंडीशन PATIENT में बीमारी की SEVERITY को देख कर बताई जाती है। जहाँ तक बात PCOS की है तो अगर बीमारी की शुरुआती स्टेज पर इसका पता चल जाये तो इसे काफी हद तक REVERSE किया जा सकता है। लेकिन COMPLICATION बढ़ने के बाद किसी EXPERIENCED AYURVEDIC PRACTITIONER की GUIDANCE में एक PROPER TREATMENT और HEALTHY LIFESTYLE को FOLLOW करके PCOS के लक्षणों को बहुत कम या फिर खत्म भी किया जा सकता है। generally आयुर्वेदिक MEDICINE के कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होते और LONG TIME तक लेने से PCOS को जड़ से भी खत्म किया जा सकता है। 

Online Ayurvedic Consultation
Pcos Causes, Symptoms and Natural Treatment

PCOS से पीड़ित महिलाओं का सवाल रहता है कि PCOS का BEST POSSIBLE TREATMENT क्या है और क्या आयुर्वेद में ऐसी कोई औषधि है जो इसे CURE कर सकती है?

PCOS के DIAGNOSE होने के बाद हम PATIENT को दो तरह से TREATMENT देते है जिसमे पहला होता है LIFESTYLE MODIFICATIONS . इसमें पेशेंट को एक हेअल्थी LIFESTYLE ADOPT करने की सलाह दी जाती है। जैसे अगर आपका वेट बढ़ा हुआ है तो उसे MAINTAIN करें। WEIGHT MAINTAIN होने से अपने आप ही  HARMONES balance होने लगते है , EGG FORMATION होने लगता है और अगर आप प्रेगनेंसी प्लान कर रही है तो आपको उसमे भी हेल्प मिलती है। 

दूसरी चीज़ है हेअल्थी डाइट। PCOS में आप प्रोटीन RICH DIET ले सकते है जैसे चना राजमा। इसके साथ ही हरी पत्तेदार सब्जियां , NUTS ले सकते है। और इसमें TEA , COFFEE , मैदा या इससे बनी चीज़ें , STARCHY FOOD और मीठे का CONSUMPTION बिलकुल नहीं करना चाहिए। क्यूंकि future में डायबिटीज होने के chances भी रहते है। 

तीसरी चीज़ है EXERCISE . हमारी ये सलाह रहती है की रोज़ 30 मिनट तो एक्सरसाइज करनी ही चाहिए।

Online Ayurvedic Consultation
Pcos Causes, Symptoms and Natural Treatment

अब आयुर्वेदिक उपचार की बात करें तो PCOS में PATIENT में जो लक्षण दिखाई देते है वो और PATIENT की प्रकर्ति के आधार पर हम ट्रीटमेंट देते है। इसके उपचार में कांचनार गुग्गुल बहुत अच्छा असर करती है और periods के सम्बंधित लक्षणों के आधार पर रजः प्रवर्तनी वटी जैसी भी औषधियां भी दी जाती है। लेकिन इन medicines को बिना किसी आयुर्वेदाचार्य की सलाह के नहीं लेना चाहिए वरना इसके नुकसान भी हो सकते है। इसके अलावा पंचकर्म में किये जाने वाले कर्म से भी PCOS का TREATMENT किया जाता है।

स्वास्थ्य से जुडी नयी नयी जानकारी के लिए KAPEEFIT के साथ जुड़े रहिये।

BOOK ONLINE CONSULTATION
Online Ayurvedic Doctor Consultation

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments

Book Online Consultation