Wednesday, February 21, 2024
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Pelvic Inflammatory Disease Symptoms Complications and Ayurvedic Medicines

Pelvic Inflammatory Disease Symptoms,Complications and Ayurvedic Medicines

Pelvic Inflammatory Disease Symptoms,Complications and Ayurvedic Medicines PELVIC इंफ्लेमेटरी DISEASE यानि PID महिलाओं के REPRODUCTIVE SYSTEM में होने वाला एक संक्रमण है, जिसमें UTERUS, फैलोपियन ट्यूब और OVARY में सूजन आ जाती है। जिसके कारण INFERTILITY जैसी बहुत सारी SERIOUS COMPLICATIONS पैदा हो सकती हैं।

आज हम आपको PID के लक्षण ,COMPLICATION और आयुर्वेदिक औषधियों के बारे में बताएंगे इसलिए Article के साथ अंत तक बने रहिये। 

PID सामान्यतः VAGINA और CERVIX में बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण DEVELOP होता है जो REPRODUCTIVE ORGANS में सूजन का कारण बनता है। इसका सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव तब होता है जब ये इन्फेक्शन FALLOPIAN TUBES में पहुँचता है। 

PID एक सामान्य स्थिति है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी महिलाएं इससे प्रभावित हैं। यह ज्यादातर 15 से 24 वर्ष की उम्र की यौन रूप से सक्रिय महिलाओं को प्रभावित करता है।

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पीआईडी के अधिकांश cases, bacterial infection के कारण होते हैं, जो vagina or cervix से reproductive organs तक फैलता हैं। इसके अलावा USUALLY, UNPROTECTED INTERCOURSE के दौरान भी PID होने की सम्भवना रहती है।

PID में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण देखने को नहीं मिलते है। जिस कारण लक्षणों के आधार पर इसे पता लगाना मुश्किल हो जाता है। अधिकांश महिलाओं में इसके लक्षण माइल्ड होते है या फिर कोई लक्षण नहीं होता है। 

सामान्यतः LOWER ABDOMEN और PELVIS AREA में दर्द , ABNORMAL VAGINAL DISCHARGE , FOUL SMELL OF DISCHARGE, INTERCOURSE के बाद ABNORMAL UTRINE BLEEDING , PAINFUL URINATION , PAINFUL SEX , थकान जैसे लक्षण देखने को मिलते है।

यदि आप उपरोक्त लक्षणों में से किसी एक का भी अनुभव कर रही हैं, तो अपने डॉक्टर से परामर्श लेना महत्वपूर्ण है। पीआईडी के उपचार में देरी या पीआईडी के बार-बार होने से serious and long-term complications का खतरा बढ़ सकता है ।

PID के उपचार की बात की जाये तो इस रोग की बड़ी वजह असुरक्षित यौन संबंध है। और नई पीढ़ी को इस बात पर जागरूक रहने की बहुत जरूरत है।  PID के उपचार में आयुर्वेदिक औषधियां बहुत कारगर साबित होती है। यह औषधियां किसी महिला को उसके लक्षणों के आधार पर दी जाती है। 

  • पहली औषधि है अशोकारिष्ट

अशोकारिष्ट में anti-inflammatory properties पायी जाती है जो PELVIC AREA की सूजन कम करने में मदद करती है इसके साथ ही इसमें पाए जाने वाले हर्बल COMPONENET UTERUS OVARIES और दूसरे REPRODUCTIVE ORGANS में होने वाले नुकसान को रोकने में मदद करते है। 

  • दूसरी औषधि दी जाती है पत्रंगासव 

पत्रंगासव महिलों में होने वाली सभी प्रकार की MENSTRUAL PROBLEMS से निजात दिलाने में मदद करता है। पतंग काष्ठ इस औषधि का मुख्य घटक होता हैं | इसे गर्भाशय का टॉनिक भी कहा जाता हैं| PID में होने वाली सूजन इस औषधि के माध्यम से खत्म की जा सकती हैं। 

  • तीसरी औषधि है पुष्यानुग चूर्ण 

पुष्यानुग चूर्ण महिलाओं के लिए सबसे उत्तम औषधि मानी जाती है। महिलाओं में leucorrhoea की समस्या आम होती है, इसके अलावा UTI अथवा योनि का संक्रमण  या गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं में अत्यंत ही लाभदायक चूर्ण साबित होता है। PID की समस्या को दूर करने के लिए पुष्यानुग चूर्ण बहुत मददगार साबित होता है। 

इन सभी औषधियों का उपयोग किसी चिकित्सक की देखरेख में करना चाहिए क्यूंकि हर महिला में रोग की SEVERITY अलग अलग होती है जिसमे हिसाब से ही रोगी को औषधि की मात्रा दी जाती है। औषधियों के साथ साथ PELVIC AREA में मसाज भी कर सकते है इससे HEALING PROCESS में मदद मिलती है। 

इस बात का ध्यान रखें अगर आपको PID के लक्षण महसूस हो रहे हैं तो कोई भी उपाय अपनाने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह जरूर लें।

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