Wednesday, February 21, 2024
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Second Trimester Of Pregnancy

Second Trimester Of Pregnancy

क्या आप प्रेग्नेंट है और प्रेगनेंसी के Second Trimester यानी 4 month से 6 month के बीच से गुजर रही हैं ?

2nd Trimester Of Pregnancy अगर हां तो ये Article बिलकुल आपके लिए है। आज हम आपको इस Article में second trimester of pregnancy के दौरान ध्यान देने वाले कुछ टिप्स के बारे में बताएंगे। इसलिए Article के साथ अंत तक बने रहिये।Second Trimester Of Pregnancy

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Second Trimester Of Pregnancy अधिकतर महिलाओं के लिए प्रेग्नेंसी का second trimester, first trimester की अपेक्षा ज्यादा आरामदायक होता है। क्यूंकि second trimester के आने तक अधिकतर गर्भवती महिलाओं में मॉर्निंग सिकनेस, थकान और भूख न लगने जैसे लक्षण समाप्त हो जाते हैं। और इस trimester में miscarriage के chances भी first trimester की अपेक्षा काफी कम हो जाते है। अतः महिला खुद को पहले की अपेक्षा physically and mentally अधिक ऊर्जावान महसूस करने लगती हैं।2nd Trimester Of Pregnancy

Second Trimester में होने वाले शारीरिक बदलाव की अगर बात करें तो fetus का आकार बढ़ने से महिला का पेट बाहर की ओर आता दिखाई देता है। इसके अलावा महिला का वजन बढ़ने लगता है व स्तनों का बढ़ना निरंतर जारी रहता है।  इस प्रकार सेकंड trimester में एक महिला में pregnant lady का  look आने लगता है। 

Second Trimester में मिलने वाला सबसे important लक्षण uterine contraction का होना है जिसमे महिला को स्वयं अपने बेबी के movements का पता चलना शुरू हो जाता है।

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इसके अलावा कमर दर्द, leg cramps, ankle में swelling आदि लक्षण भी काफी महिलाओं में देखने को मिलते है। इनको avoid करने के लिए एक position में लगातार न खड़े रहें, हर थोड़ी थोड़ी देर बाद अपनी position बदलते रहें। Second Trimester Of Pregnancy


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Second Trimester में vagina से सफेद रंग का स्त्राव होना सामान्य बात है। लेकिन अगर आपको इस दौरान पीला, दुर्गंध और अधिक स्त्राव हो तो अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। इसके अलावा चक्कर आना, pregnancy stretch marks, urinary tract infection, कब्ज, त्वचा में बदलाव जैसे बदलाव भी देखने को मिलते है।

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क्यूंकि इस trimester में भूख काफी बढ़ जाती है। अतः आप जो भी डाइट लें वो nutrients से भरपूर होनी चाहिए। इस दौरान आयरन व कैल्शियम को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें क्यूंकि आयरन युक्त खाद्य पदार्थ fetus को oxygen पहुंचने का कार्य करते है व कैल्शियम, बोन delevopment के लिए जरुरी होता है। इसके अलावा प्रेग्नेंट लेडीज को एक दिन में 75 से 100 ग्राम प्रोटीन जरूर लेना चाहिए। साथ ही साथ फैट, कार्बोहाइड्रेट्स, ओमेगा 3 फैटी एसिड से युक्त भोज्य पदार्थ लेने चाहिए और पानी भी भरपूर मात्रा में पीना चाहिए।2nd Trimester Of Pregnancy

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वैसे तो second trimester को golden trimester of प्रेगनेंसी कहा जाता है क्यूंकि इस दौरान किसी भी प्रकार की कॉम्प्लीकेशन्स होने का खतरा कम होता है। लेकिन इसके बाद भी सभी सावधानियों के बारे में पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है। जैसे अगर फर्स्ट trimester में आपको bleeding की समस्या रही हो तो इस trimester में आप पूरी सावधानी बरतें। इसके अतिरिक्त कुछ कंडीशंस में आपको अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए जैसे 4 से 5 month तक fetus movement का पता न चलना, अचानक से bleeding हो जाना या फिर जैसा हमने पहले भी बताया abnormal vaginal discharge का होना। इसके साथ प्रेगनेंसी में शराब, धूम्रपान, बहुत अधिक मात्रा में कैफीन, मरकरी युक्त मछली आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।Second Trimester Of Pregnancy

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