Wednesday, February 21, 2024
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Sign and Symptoms of Kidney Diseases

Sign and Symptoms of Kidney Diseases

Sign and Symptoms of Kidney Diseases किडनी हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। जब किडनी किसी कारण से डैमेज हो जाती है , ठीक से काम नहीं करती है या काम करना बंद कर देती है। तो ऐसी CONDITION में किडनी से सम्बंधित रोगों के होने की सम्भावना होती है।

नेशनल हेल्थ पोर्टल की एक रिपोर्ट के अनुसार विश्व स्तर पर लगभग 195 MILLION महिलाएं किडनी रोग से ग्रसित हैं। और CHRONIC किडनी DISEASE को DEATH का छठा सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला कारण माना गया है। इन रिपोर्ट्स को देखते हुए हमे किडनी हेल्थ को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है।

FUNCTIONING OF KIDNEY 

किडनी हमारे खून में मौजूद गंदगी, अतिरिक्त पानी और शरीर से harmful elements को छानकर अलग करती है। ये सभी हानिकारक तत्व हमारे ब्लैडर में इकट्ठा होते हैं और फिर urine के माध्यम से शरीर से  बाहर निकल जाते हैं। इसके अलावा किडनी हमारे शरीर में सोडियम, पोटैशियम और पीएच लेवल को भी balance करती है। kidney ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती हैं और रेड ब्लड सेल्स के उत्पादन में मदद करती हैं। इसके साथ ही किडनियां हमारे शरीर में विटामिन डी को एक्टिवेट करती हैं, ताकि हमारी हड्डियां कैल्शियम को एब्जॉर्ब कर सकें।

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आजकल की wrong food habits और modern lifestyle के कारण किडनी रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आमतौर पर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य किसी बीमारी के कारण ही किडनियां डैमेज होती हैं। अगर आप इन समस्याओं को शुरु होने से पहले पहचान लेतें हैं तो किडनी की बीमारी का इलाज सरल हो जाता है। अगर आपके मन में भी किडनी से सम्बंधित बीमरीयों को लेकर doubt है, तो इस वीडियो के माध्यम से वो दूर हो जायेंगे इसलिए वीडियो के साथ अंत तक बने रहें।

TYPE OF KIDNEY DISEASE

  1. एक्यूट किडनी डिजीज 
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किडनी में अचानक से होने वाली समस्याएँ acute kidney disease के अंतर्गत आती हैं। जैसे मूत्र त्याग में परेशानी , पैरों में सूजन , मल में खून आना , जी मिचलाना , urine रुक-रुक कर आना या कम आना आदि। वैश्विक स्तर पर एक्यूट किडनी इंजरी AKI के कारण सालाना लगभग 1.7 मिलियन लोग अपनी जान गवा देते हैं।

  1.  क्रोनिक किडनी डिजीज 
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क्रोनिक डिजीज किडनी की सबसे गंभीर बीमारी है जो लम्बे समय तक रहती है। आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर के कारण ,किडनी के फंक्शन में परेशानी आती है। इस बीमारी में रोगी की एक या दोनों किडनियां काम करना बंद कर देती हैं। और किडनी failure की कंडीशन पैदा हो जाती है। डायबिटीज क्रॉनिक किडनी डिजीज का एक प्रमुख कारण होता है। डायबिटीज में किडनी की ब्लड vessels डैमेज हो जाती हैं और किडनी काम करना बंद कर देती हैं। कुछ लोगों में ये समस्या थोड़े समय के इलाज के बाद ठीक हो जाती है, वहीं कुछ लोगों में लंबे समय तक रहने पर ये समस्या क्रॉनिक किडनी disease का रूप ले लेती है।

  1. किडनी की पथरी 
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किडनी में पथरी , किडनी की एक गंभीर समस्या है। वैसे तो इसके होने के बहुत से कारण होते हैं लेकिन पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने , WRONG FOOD HABITS और अनियमित जीवन शैली के कारण किडनी की पथरी होने के CHANCES ज्यादा होते हैं। इसके साथ साथ जेनेटिक कारण, हाइपरटेंशन, मोटापा, मधुमेह और आंतों से जुड़ी कोई अन्य समस्या होने के कारण भी पथरी हो सकती है।

  1. पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज 

पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज भी किडनी से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है । इस रोग में एक किडनी या दोनों किडनियों में MULTIPLE  सिस्ट बन जाते हैं। समय के साथ साथ ये सिस्ट बढ़ते जाते हैं, जिस कारण से किडनी का आकार बढ़ता जाता है और किडनी की FUNCTIONING normal नहीं रहती है है। कई बार ये रोग हाई ब्लड प्रेशर का भी कारण बन सकता है।

  1. Urinary tract infection (UTI)
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यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन या यूटीआई URINE की नली से जुड़ी समस्या है लेकिन इसके कारण किडनियां भी प्रभावित होती हैं। इस रोग में मूत्रमार्ग में संक्रमण अर्थात infection हो जाता है, जिसके कारण urine करते समय जलन या दर्द की समस्या शुरू हो जाती है। कई बार Urine के साथ pus भी आने लगता है। और बच्चों में यूटीआई बहुत खतरनाक साबित हो सकती है और कई बार किडनियों को पूरी तरह खराब कर सकती है।

PREVANTIONAL TIPS

  • विश्व स्तर पर 10 में से 1 व्यक्ति kidney की बीमारी से प्रभावित है। किडनी की समस्या के इलाज के लिए वैसे तो मार्केट में बहुत सारे ट्रीटमेंट और मेडिसिन उपलब्ध हैं। लेकिन अपनी आदतों में थोड़ा सुधार करके इनसे काफी हद तक बचा जा सकता है। इसके लिए 
  • पौष्टिक आहार का सेवन करें जिसमे ताजे फल , सब्जियां , साबुत अनाज , पर्याप्त मात्रा में पानी शामिल करें। 
  • अपनी दिनचर्या में व्यायाम को शामिल करें। व्यायाम करने से diabeties और ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल करने में मदद मिलती हैं। 
  • शराब और धूम्रपान न करें। 

AYURVEDIC APPROACH

  • आयुर्वेद में किडनी की समस्याओं के इलाज के लिए गोखरू का प्रयोग बहुत लाभकारी होता है। इसके अलावा तृणपंचमूल क्वाथ , वरुणादि क्वाथ , चन्द्रप्रभा वटी  , गोक्षरादि वटी  , श्वेत  पर्पटी आदि औषधियां रोगी के लक्षणों के आधार पर दी जाती हैं। लेकिन इन औषधियों को किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में ही लेना चाहिए। क्यूंकि प्रत्येक व्यक्ति की प्रकृति और लक्षणों के आधार पर अलग अलग औषधियां दी जाती है। इसके अतिरिक्त कई अन्य patent medicines भी किडनी डिजीज में लाभकारी सिद्ध होती हैं। 
  • पंचकर्म जो की आयुर्वेद की सबसे कारगर चिकित्सा पद्धति है, के माध्यम से किडनी के सभी विकारों को दूर करने में मदद मिलती हैं। 

ऐसी ही नयी नयी जानकारी के लिए KAPEEFIT Blog के साथ जुड़े रहे |

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