Thursday, February 29, 2024
spot_img

Swine Flu

Swine Flu Ayurvedic Remedies to Prevent and Treat Viral

क्या आपको बुखार, जुकाम, खांसी व छींक के साथ बलगम में खून आ रहा है?

क्या आपका ब्लड प्रेशर तेज़ी से कम हो रहा है?

क्या आपको मांसपेशियों में दर्द, सर दर्द, कमजोरी महसूस हो रही है?

Swine Flu अगर आपको इनमे से किसी भी लक्षण का अनुभव मानसून के मौसम में हो रहा है तो H N फ्लू या स्वाइन फ्लू हो सकता है। देश के कई हिस्सों में स्वाइन फ्लू’ नाम का रोग तेजी से फैल रहा है। अब तक कुछ लोगों की इस बीमारी की चपेट में आकर मौत भी हो चुकी है। आज इस Article में हम स्वाइन फ्लू के आयुर्वेदिक उपचार के ऊपर चर्चा करेंगे इसलिए Article के साथ अंत तक जुड़े रहिये।

स्वाइन फ्लू एक वायरल बीमारी है जो बीते कुछ सालों से हर साल बरसात और ठंड के मौसम में फैलती है।

Online Ayurvedic Doctor Consultation

इस साल की बरसात के साथ ही महाराष्ट्र और देश के कुछ अन्य हिस्सों से स्वाइन फ्लू के मामले पाए जाने की खबरें आ रही हैं। स्वास्थ्य इकाइयों द्वारा लोगों से जहां सावधान रहने की अपील की गयी है वहीं, प्रशासन द्वारा भी इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 

Online Ayurvedic Consultation
Swine Flu

स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों की बाद की जाए तो उसमें बुखार, सर्दी-खांसी, ठण्ड लगना, गले में खराश, कमजोरी, मसल्स पेन, डायरिया, उल्टी, थकान, आंख से पानी आना और बहती नाक जैसे लक्षण दिखायी देते हैं। इस रोग में मरीज का ब्लड प्रेशर तेजी से कम होने लगता है तथा सर दर्द, कमजोरी आदि लक्षण भी नजर आने लगते हैं। 

Swine Flu

स्वाइन फ्लू के इलाज के लिए एलोपैथी में कई प्रकार की ANTIVIRAL व OVER THE COUNTER COLD MEDICATIONS उपलब्ध हैं लेकिन आयुर्वेद में भी स्वाइन फ्लू के लक्षणों राहत दिलाने वाले कई तरीके मौजूद हैं।

MONKEYPOX VIRUS

आयुर्वेद में इस रोग का वर्णन लगभग 5000 वर्ष पुराना है जिसे वात्श्लेष्मिक ज्वर के रूप में वर्णित किया गया है। आयुर्वेद के मतानुसार यह एक संक्रमण जन्य रोग है जिसमें स्वसन तंत्र में भी विकार उत्पन्न हो जाता है। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को आंवला, तुलसी, काली मिर्च, चिरायता, गिलोय, लहसुन एवं नीम की पत्तियों का रस अथवा चूर्ण शहद के साथ देना चाहिए।

Online Ayurvedic Consultation
Swine Flu

घर में वातावरण शुद्ध  संक्रमण मुक्त करने के लिए नीम, कपूर, गाय का घी, हल्दी का धुंआ करना चाहिए। इस रोग में मरीज की इम्युनिटी कमी हो जाती है जिसको COVER UP करने के लिए त्रिफला या ताजे आमले के जूस का प्रयोग करना चाहिए। आयुर्वेद की कुछ औषधियों जैसे – त्रिभुवन कीर्ति रस, संजीवनी वटी, गोदन्ती भस्म, अभ्रक भस्म, मंडूर भस्म, लक्ष्मी विलास रस, अमृतारिष्ट आदि औषधियों का प्रयोग करने से इस रोग में तेजी से लाभ मिलता है। लेकिन किसी भी औषधि का प्रयोग केवल आयुर्वेद चिकित्सक की देखरेख में ही करना चाहिए।

Online Ayurvedic Consultation
Swine Flu

स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए आयुर्वेदिक औषधियों के साथ साथ preventional टिप्स को भी follow करना बेहद जरुरी है। जिसमे ज्यादा भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचना चाहिए, जिन लोगों को सर्दी, खांसी या बुखार हुआ हो उनसे हाथ मिलाना या गले मिलने से बचना चाहिए, ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का प्रयोग करना चाहिए, खांसते या छींकते वक़्त रूमाल की जगह टिश्यु पेपर का इस्तेमाल करके टिश्यू फेक देना चाहिए, आंख नाक और मुँह पर बार-बार हाथ नहीं लगाने चाहिए।

स्वास्थ्य से जुडी नयी नयी जानकारी के लिए KAPEEFIT के साथ जुड़े रहिये।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments

Book Online Consultation