Wednesday, February 21, 2024
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Uterine Fibroids Symptoms and Treatment

Uterine Fibroids Symptoms and Treatment

क्या आपको पेट के निचले हिस्से या कमर में भारीपन महसूस होता है?

क्या आपको पीरियड्स के दौरान ऐंठन भरा तेज़ दर्द का अनुभव होता है?

क्या आपको पीरियड्स में कई दिनों तक हेवी ब्लीडिंग की समस्या होती है?

Uterine Fibroids Symptoms and Treatment अगर इन सभी सवालों के जवाब हां है तो यह Uterine Fibroids यानी बच्चेदानी में रसोली के लक्षण हो सकते है। किसी भी प्रकार के लक्षण मिलने पर तुरंत ही अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इस समस्या के लक्षण और ayurvedic उपचार के बारे में बताउंगी इसलिए Article के साथ अंत तक बने रहिये।Uterine Fibroids Symptoms and Treatment


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FIBROIDS गर्भाशय की भीतरी या बाहरी दीवारों में पनपने वाली गांठें होती हैं। जो सामान्यत: स्त्री के गर्भाशय में मौज़ूद हो सकती हैं पर इससे किसी किसी महिला को परेशानी नहीं होती और इसके कोई लक्षण भी नज़र नहीं आते, जिसके आधार पर इसकी जांच कराई जा सके।

NATIONAL INSTITUTE OF HEALTH की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में reproductive age group की 25% महिलाओं में फाइब्रॉयड की समस्या देखी गयी है। FIBROIDS आमतौर पर 16 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं में विकसित होते है जिनमे एस्ट्रोजन का स्तर अधिक होता है। MENOPAUSE के बाद जैसे जैसे एस्ट्रोजन का स्तर कम होता है, FIBROIDS सिकुड़ने लगते है।Uterine Fibroids Symptoms and Treatment   

Fibroids में मिलने वाले लक्षण uterus में fibroid की position पर depend करते है। ABNORMAL UTERINE BLEEDING और heavy bleeding में clots नज़र आना इसका सबसे common लक्षण है। जिस कारण आयरन की कमी से एनीमिया होने की सम्भावना रहती है। इसके अलावा पेल्विक PAIN होना , BLADDER पर PRESSURE के कारण यूरिन ज्यादा आना या यूरिन का रुक रुक कर आना, PREMATURE DELIVERY ,कभी कभी FIBROIDS के कारण MISCARRIAGE के भी CHANCES हो सकते है।

FIBROIDS के लक्षण महसूस होने या इसकी पुष्टि होने पर आपको तुरंत किसी doctor से सलाह लेनी चाहिए और मौजूदा इलाज से इस समस्या को दूर करना चाहिए। आयुर्वेद में UTERINE FIBROIDS के उपचार के लिए कांचनार गुग्गुल और वृद्धिवाधिका वटी बहुत प्रभावी होती है। साथ साथ प्रवाल पिष्टी, मुक्ता पिष्टी, शिला सिन्दूर और कहरवा पिष्टी जैसी औषधियां रोगी के लक्षण और प्रकृति के आधार पर दी जाती है। जिनकी मदद से इसका उपचार संभव हो पाता है।  

इन Ayurvedic औषधियों के साथ साथ एक HEALTHY LIFESTYLE को ADOPT करें। HEALTHY LIFESTYLE आपको UTERINE FIBROIDS के साथ साथ बहुत सी बिमारियों से दूर रखने में मदद करेगी। इसके अलावा अपनी डाइट में ताज़े फल और ब्रोकली की मात्रा को बढ़ाने से Uterine FIBROID से बचा जा सकता है। ब्रोकली में सल्फोराफेन कंपाउंड पाया जाता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीफाइब्रोटिक गुण होते हैं जो FIBROID से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।

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