Female Diseases

Vaginal Discharge in Hindi

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 Vaginal Discharge in Hindi

Vaginal Discharge in Hindi | VAGINAL डिस्चार्ज एक बहुत COMMON प्रॉब्लम है जो TEENAGE GIRLS से लेकर किसी भी उम्र की महिलाओं को हो सकती है। और VAGINAL DISCHARGE का होना एक नार्मल और ABNORMAL दोनों ही CONDITIONS हो सकती है। तो आज इस आर्टिकल के द्वारा हम जानेंगे कि vaginal discharge किन किन स्थितियों में एक साधारण प्रक्रिया है और किस अवस्था में यह रोग का कारण है और हमे इसे दूर करने के लिए किस उपचार की आवश्यकता है।

सबसे पहले ये जान लेते है कि VAGINAL DISCHARGE क्या है और इसका नार्मल या abnormal होना किस किस FACTOR पर DEPEND करता है।

Vaginal Discharge in Hindi

Vaginal Discharge in Hindi | vagina से निकलने वाला कोई भी discharge , vaginal discharge कहलाता है। यह female reproductive system जैसे cervix , vagina आदि में पायी जाने वाली glands के द्वारा उत्पन्न होता है। कुछ मात्रा में होने वाला vaginal discharge हर महिला के लिए बहुत आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है क्यूंकि यह महिला प्रजनन तंत्र को स्वच्छ एवं स्वस्थ रखता है। यह vagina को lubricate रखने का काम करता है और vagina की pH को maintain रखता है .

सामान्यतः हर महिला को यह भ्रम होता है कि उसको होने वाला discharge अबनॉर्मल है या गलत है। लेकिन शायद आपको यह जानकर आश्चर्य होगा की vaginal discharge होना एक abnormability नहीं है बल्कि vagina का dry होना एक abnormability है। 

Vaginal Discharge in Hindi | इसके treatment से पहले से देखा जाता है कि vaginal discharge आपकी menstural cycle के किन दिनों में होता है और इसमें होने वाले discharge का colour  , odour और consistency कैसी है। 

अगर यह discharge periods की 2 -3 दिन पहले शुरू होता है या फिर mid cycle यानी ovaluation के दौरान होता है तो यह एक साधारण प्रक्रिया है।  लेकिन अगर यह महीने में 20 -25 दिन तक लगातार एवं बहुत अधिक होता है तो यह abnormal है। कुछ conditions जैसे diabeties , during pregnancy , breast feeding , use of antibiotics , oral pills आदि के दौरान यह secretion बढ़ जाता है। 

Vaginal Discharge in Hindi | अगर यह COLOUR LESS या TRANSPERANT है तो यह एक नार्मल CONDITION है। इसके विपरीत यदि होने वाला SECRETION YELLOW , GREEN , BROWN या DIRTY है तो यह VAGINA में होने वाले संक्रमण का संकेत है अर्थात यह नार्मल CONDITION नहीं है। 

यदि होने वाला DISCHARGE बहुत ही ज्यादा FOUL SMELL का है तो भी इसे एक ABNORMAL CONDITION CONSIDER किया जाता है। 

Vaginal Discharge in Hindi | सामान्यतः होने वाला VAGINAL DISCHARGE TRANSPARENT , WATERY और EGG के WHITE प्रोटीन के सामान होता है। लेकिन अगर यह बहुत ज्यादा THICK , दही के सामान है और इसके साथ साथ VAGINA में ITCHING , SWELLING, BURNING , FOUL SMELL , PAIN आदि लक्षण भी देखने को मिलते है , तो ऐसी CONDITION में आपको डॉक्टर से CONSULT करना चाहिए क्यूंकि यह VAGINA में होने वाले किसी भी प्रकार के INFECTION या फिर CERVICAL EROSION यानी बच्चे दानी के मुँह पर छाले होने के कारण हो सकता है।

CAUSES

Vaginal Discharge in Hindi | VAGINAL DISCHARGE किसी भी प्रकार के बैक्टीरियल या फंगल INFECTION, STD, POOR HYGENIC कंडीशन, DURING MENSTRUAL CYCLE, NOT USING SANITARY NAPKINS, USING TAMPONS AND MENSTRUAL CUP के कारण हो सकता है। 

इसके अलावा यह कॉस्मेटिक , DETERGENT या LATEX CONDOM से एलर्जी के कारण भी हो सकता है। 

या फिर हार्मोन्स के IMBALANCE , MENOPAUSAL , ATHROPHY OF VAGINA के कारण भी हो सकता है। 

Vaginal Discharge in Hindi | Vaginal discharge के कारण होने वाला infection अगर समय रहते ट्रीट न किया जाये तो यह किसी गंभीर बीमारी जैसे uterus या cervix का कैंसर जैसी बीमारी का रूप ले सकता है इस साथ ही PID , कमर दर्द , पेट दर्द , आदि के भी लक्षण मिल सकते हैं। 

TREATMENT 

Vaginal Discharge in Hindi | VAGINAL DISCHARGE के कारण होने वाले रोगों के TREATMENT के लिए आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग कारगर सिद्ध होता है। 

  1. इसके लिए दशमूल कवाथ के 2 चम्मच को 400 ग्राम पानी में उबाल लें और 100 ग्राम शेष रहने पर 50 ग्राम सुबह और 50 ग्राम शाम को खाली पेट पी लें। 
  2. 10 ग्राम कहरवा पिष्टी , 5 ग्राम स्फटिक भष्म , 5 ग्राम मुक्त शुक्ति , 10 ग्राम गिलोय सत , 2 ग्राम वसंत कुसमाकर रस लेकर सभी औषधियों को मिला लें और इसकी 60 DOSE बना लें। 1 -1 DOSE दिन में 2 बार भोजन से 1 घंटा पहले शहद के साथ लें। 
  3. 1 छोटा चम्मच पुष्यानुग चूर्ण को दिन में 2 बार चावल के पानी के साथ भोजन से पहले लें। 
  4. 4 चम्मच पत्रंगासव को 4 चम्मच पानी के साथ मिलाकर दिन में 2 बार भोजन के बाद सेवन करें। 
  5. इसके साथ साथ स्फटिक भस्म से AFFECTED PART पर DUSTING करके 5 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें। इन सभी औषधियों के लगातार प्रयोग से इस समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है। 

PRECAUTIONARY TIPS

Vaginal Discharge in Hindi | इस समस्या को पूरी तरह से दूर करने के लिए TREATMENT के साथ साथ कुछ PRECAUTIONS का ध्यान रखना भी बेहद जरुरी है। 

  • VAGINA को बिलकुल साफ़ रखें और इसके लिए किसी GENTLE MILD सोप या फिर गरम पानी का USE करें। 
  • VAGINA को CLEAN करने के लिए FRONT तो BACK METHOD USE करें ताकि ANUS की गन्दगी VAGINA में ENTER न करे। 
  • COTTON UNDERGARMENTS का ही USE  करें क्यूंकि COTTON CLOTH VAGINA को ड्राई रखने में मदद करता है। और बहुत TIGHT कपडे न पहने। 
  • VAGINAL AREA में किसी भी SCENTED ITEM का USE न करें। 
  • PERIODS के दौरान SANITARY NAPKINS का ही USE करें , TAMPONS और MENSTURAL CUP का USE AVOID करें। 
  • GREEN VEGETABLES , FRUITS , PREBIOTICS जैसे दही छाछ को अपनी DAILY डाइट में शामिल करें।

ये सभी टिप्स आपको VAGINAL DISCHARGE के कारण होने वाली PROBLEMS से दूर रखने में मदद करेंगे। 

हम उम्मीद करते हैं आपको VAGINAL DISCHARGE से RELATED सभी प्रकार की जानकारी मिल गयी होगी |

ऐसी ही नयी नयी जानकारी के लिए KAPEEFIT Blog के साथ जुड़े रहे |

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